प्रकाश विद्युत उत्सर्जन और इसके नियम

प्रकाश विद्युत उत्सर्जन क्या है और प्रभाव

प्रकाश विद्युत प्रभाव क्या है प्रकाश विद्युत उत्सर्जन और इसके नियम डेफिनेशन परिभाषा आपतित प्रकाश की तीव्रता और इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन की दर में संबंध उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा पर आपके प्रकाश की आवृत्ति मै संबंध प्रकाश विद्युत उत्सर्जन में उपयोग की गई धातुएं के लिए आपके प्रकाश की न्यूनतम आवृत्ति या देहली आवर्ती क्या है और प्रकाश विद्युत कार्य फलन और Albert Einstein का प्रकाश विद्युत समीकरण और फोटोनों क्या है इसकी उर्जा प्रकाश विद्युत सेल क्या है एवम प्रकाश विद्युत प्रभाव की खोज किसने की थो सब इस पेज पर है

प्रकाश वैधुत प्रभाव , उत्सर्जन  और धारा क्या है

जब प्रकाश किसी धातु पर पड़ता है तो उस धातु में से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होने लगते हैं किसी प्रकाश विद्युत उत्सर्जन कहते हैं इसके फलस्वरूप  प्रकाश विद्युत उत्सर्जन  से प्राप्त विद्युत धारा को  प्रकाश विद्युत धारा कहते हैं इस घटना को प्रकाश विद्युत प्रभाव कहते हैं

प्रकाश विद्युत उत्सर्जन

सर जे.जे टामसन ने सबसे पहले 1898 में बताया की किसी धातु पर प्रकाश पड़ने पर electron निकलते है  और सन 1900 में लेनार्ड ने सिध्ध किया कि इलेक्ट्रॉन्स को धन plate से आकर्षित कर सकते है जिससे विद्युत धारा बहने लगती है इन्ही ने प्रकाश विद्युत प्रभाव की खोज की थी

यह सब कैसे होता है हम जानते हैं कि धातुओं में बहुत अधिक संख्या में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं यानी फ्री इलेक्ट्रॉन होते हैं जो धातु के पृष्ठ पर लगातार गति करते रहते हैं लेकिन है इलेक्ट्रॉन्स धातु की सतह से बाहर  नहीं निकलते हैं लेकिन जब धातु की सतह पर प्रकाश पड़ता है तो इन मुक्त इलेक्ट्रॉनों को गतिज ऊर्जा मिल जाती  है जिससे यह उत्सर्जित होने लगती है जिन्हें किसी धन प्लेट द्वारा आकर्षित कर लिया जाता है जो हम आगे पढ़ेंगे नीचे प्रकाश विद्युत प्रभाव में Albert Einstein का प्रकाश विद्युत समीकरण पढ़ें प्रकाश विद्युत प्रभाव को English में Photoelectric Emission कहते है

देहली आवर्ती किसे कहते है

किसी धातु का प्रकाश विद्युत प्रभाव दिखाना प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करता है जो न्यूनतम आवृत्ति जिससे इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होने लगते हैं उसे देहली आवृत्ति कहते हैं

यानी किसी धातु पर उसकी देहली आवृत्ति या उससे ज्यादा आवृत्ति का प्रकाश पड़ेगा तो धातु की सतह से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होने लगेंगेसभी धातुओं की देहली आवृत्ति अलग अलग हो सकती है यह धातु पर निर्भर करता है प्रकाश विद्युत उत्सर्जन प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर नहीं करता है

देहली आवर्ती को English में

प्रकाश विद्युत कार्य फलन क्या है

प्रकाश विद्युत उत्सर्जन होने के लिए जरूरी देहली आवृत्ति की संगत  आपतित प्रकाश की ऊर्जा या न्यूनतम ऊर्जा को कार्य फलन या वर्क फंक्शन कहते हैं english में photoelectric work-function कहते है

 प्रकाश विद्युत प्रभाव के नियम हिंदी में

  1. प्रकाश विद्युत प्रभाव में प्रकाश विद्युत उत्सर्जन धातु पर प्रकाश आपतित होते ही इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होने लगते है यानि प्रकाश जैसे ही धातु पर आपतित होता है धातु में से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होने लगती हैं इसमे delay नही होता है
  2. प्रकाश विद्युत उत्सर्जन में धातु से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या आप जब प्रकाश मैं उपस्थित फोटोनों की संख्या या प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करता है इसमें आपतित प्रकाश की आवृत्ति का कोई महत्व नहीं होता है
  3. उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर नहीं करती
  4. उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा आप प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करती है यह गतिज ऊर्जा आप्ते प्रकाश की आवृत्ति की समानुपाती होती है
  5. देहली आवृत्ति से कम की आवृत्ति पर प्रकाश विद्युत उत्सर्जन संभव नहीं है आप से प्रकाश की आवृत्ति देहली आवृत्ति से ज्यादा या बराबर होना चाहिए

प्रकाश विद्युत सेल

photoelectric cell या  प्रकाश विद्युत सेल एक ऐसी device है जिससे प्रकाश उर्जा को विद्युत उर्जा में बदला जा सकता है यह सेल प्रकाश विद्युत उत्सर्जन पर ही काम करते है ये भी तीन प्रकार के होते है प्रकाश उत्सर्जक सेल या photo-emissive cell,प्रकाश वोल्टीय सेल या photo-voltaic cell और प्रकाश चालकीय सेल या photo-conductive cell सभी प्रकाश विद्युत प्रभाव पर काम करते है

Albert Einstein का प्रकाश विद्युत समीकरण एवं फोटोन की ऊर्जा

प्लांट के क्वांटम सिद्धांत पर अल्बर्ट आइंस्टीन ने भी प्रकाश विद्युत प्रभाव को समझाया

फोटोन किसे कहते है

प्रकाश ऊर्जा के छोटे छोटे पैकेट ओं के रूप में चलता है या प्रकाश ऊर्जा के छोटे पैकेट ओं से मिलकर बना होता है और प्रत्येक पैकेट को फोटोन कहते हैं यानी प्रकाश फोटोनों से मिलकर बना होता है

फोटोन की ऊर्जा का सूत्र E=hv होता है यह पर h प्लांक का constant है जिसका मान 6.63×10-34 जूल×सेकंड होता है और v nu प्रकाश की आवर्ती है

आप फोटोन क्या है ये तो समझ गए होंगे अब फिर से हम प्रकाश विद्युत प्रभाव पर आते है और फिर प्रकाश विद्युत समीकरण देखते है

अब प्रकाश विद्युत उत्सर्जन के समय धातु पर प्रकाश  आप भी तो होते ही इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन होने लगते हैं यह होते कैसे हैं तो इसमें प्रकाश ऊर्जा के छोटे पैकेट यानी फोटोन जो धातु पर पड़ता है तो वह धातु के एक मुक्त इलेक्ट्रान को पावर देता है या उसे अपनी गतिज ऊर्जा प्रदान करता है

जिससे इलेक्ट्रान स्थानांतरित हो जाता है और गिरने वाले फोटोन का अस्तित्व समाप्त हो जाता है अब उस इलेक्ट्रान को ऊर्जा मिल जाती है इन इलेक्ट्रॉनों में से कुछ सतह से बाहर उत्सर्जित होने लगते है और कुछ आपस मे टकराकर अपनी ऊर्जा खत्म कर देते है आपस में टकराने वाले इलेक्ट्रॉन ऊपरी सतह की नहीं होते है परंतु सतह के इलेक्ट्रॉन ऊर्जा पाते ही उत्सर्जित हो जाते हैं

उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम v max है

प्रकाश विद्युत समीकरण   \fn_cm \frac{1}{2}mv^{2}_{max}=h(v-v_{0})

यहां पर v max अधिकतक वेग और v यानि न्यू आवर्ती है इस समीकरण से प्रकाश विद्युत प्रभाव की जानकारी ली जाती है इसके बारे में ज्यादा डिटेल के लिए कमेंट करें प्रकाश विद्युत प्रभाव,उत्सर्जन और प्रकाश विद्युत धारा क्या है प्रकाश विद्युत प्रभाव के नियम और अल्बर्ट आइंस्टीन के समीकरण देहली उर्जा ,प्रकाश विद्युत कार्य फलन,फोटोन की उर्जा एवम परिभाषा और photoelectric cell क्या है ये सभी इनफार्मेशन अपने read की यदि आपके काम आई होतो इसे अपने दोस्तों से शेयर जरूर करें नीचे buttons है

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *