Computer keyboard in Hindi | एवं प्रकार

Keyboard क्या है या किसे कहते है इसका full form क्या है यह कैसे काम करता है इसके प्रकार तथा function key, typing key, control key, navigation key, indicator key, numeric key, क्या होती हैं तथा इनका कार्य तथा ये क्यों प्रयोग की जाती हैं।

Fullform of Computer Keyboard –

K-Keys
E-Electronic
Y-Yet
B-Board
O-Operating
A-A-Z
R-Response
D-Directly

computer keyboard in hindi

कीबोर्ड क्या है ?Computer keyboard in Hindi

Keyboard-कीबोर्ड एक Computer की इनपुट डिवाइस हैं जिसको ज्यादातर हमेशा कंप्यूटर के साथ में ही प्रयोग किया जाता है यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और typing इनपुट device हैं इसका प्रयोग प्राइवेट कंपनियों और सरकारी संस्थाओं , स्कूल कॉलेजेस , बैंकिंग सेक्टर्स में बहुत ज्यादा किया जा रहा है कीबोर्ड का आविष्कार 1868 में Christopher Latham sholes के द्वारा किया गया था।

कीबोर्ड का प्रयोग हम कंप्यूटर में कमांड , text Input, numeric data entry करनें के लिए किया जाता हैं दूसरी भाषा में कहा जाए तो कीबोर्ड का प्रयोग कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए किया जाता हैं इसके जरिये कंप्यूटर और user एक दूसरे के बीच बातचीत कर सकते हैं

कीबोर्ड को ज्यादातर बहुक्रियात्मक कार्यों के लिए प्रयोग किया जाता है इसका कार्य सिर्फ लिखना या text इनपुट करना ही नहीं है बल्कि हम कंप्यूटर को control करना और अपने हिसाब से कार्य करवा सकते हैं कीबोर्ड को आज से कुछ साल पहले टाइपराइटर के नाम से जाना जाता था और आज के समय में इसे टाइपिंगमास्टर के नाम से जाना जाता हैं

क्योँकि इससे ज्यादातर टाइपिंग का कार्य किया जाता हैं कीबोर्ड से ज्यादातर हिंदी और अंग्रेजी भाषा को टाइप किया जाता है तथा इसके अलावा कई देशों में प्रयोग होने वाली विभिन्न प्रकार की भाषाओं को भी टाईप कर सकते हैं |

कीबोर्ड के प्रकार या layout

1.QWERTY प्रकार का कीबोर्ड

आज के समय में इस प्रकार के कीबोर्ड layout का प्रयोग बहुत ज्यादा किया जाता है यह layout कीबोर्ड के सेकंड row में six character के रूप में दिखाई देते हैं इसप्रकार के कीबोर्ड layout का प्रयोग multipurpose कार्य करनें के लिए किया जाता हैं यह एक साधारण कीबोर्ड layout जिसका प्रयोग कोई भी व्यक्ति बहुत ही सरलता से कर सकता है इसमें सभी कीबोर्ड layout की तरह ज्यादा advance फीचर्स नहीं हैं।

2.AZERTY

इस प्रकार का कीबोर्ड layout का जन्म France में हुआ था ये layout QWERTY layout से ज्यादा अपडेट और इसकी तुलना में अच्छे हैं।

3.DVORAK

इसप्रकार के कीबोर्ड लेआउट का प्रयोग ज्यादातर विदेशों में किया जाता हैं इस प्रकार के कीबोर्ड को बनाने का कारण अँगुली का movement कम करना हैं ये कीबोर्ड AZERTY और DVORAK से ज्यादा अपग्रेड हैं और advance भी, इन्हें ज्यादातर नई टेक्नोलॉजी या scientific research में प्रयोग किया जाता हैं क्योँकि इसकी टाईपिंग स्पीड बहुत ही fast होती है।

Computer कीबोर्ड में बटनों के प्रकार Types of keys

कीबोर्ड की प्रत्येक key का अलग अलग कार्य होता है  इसी के आधार पर टाइपिंग keys को 6 भागों में विभाजित किया गया है।

1.Function keys
2.Typing keys
3.Control keys
4.Navigation keys
5.Indicator lights
6.Numeric keypad

1.Typing keys

कंप्यूटर में टाइपिंग keys का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता हैं टाइपिंग keys में अल्फाबेटिक और न्यूमेरिक शामिल रहते हैं alphabet का मतलब A से Z text तथा न्यूमेरिक का मतलब 0 से 1 तक नंबर हैं A से Z टेक्स्ट का प्रयोग कोई document या लेटर लिखने में करते हैं और 0 से 1 numbers का प्रयोग मैथमैटिकल calculation करनें में करतें हैं इन दोनों को हम Alphanumeric के नाम से जानते हैं इनके साथ साथ कीबोर्ड में कुछ विशेष प्रकार के बहुत सारे symbol तथा Punctuation word भी include रहते हैं इनका प्रयोग भी टाइपिंग करते समय document को और आकर्षित बनाने के लिए किया जाता है।

कुछ टाइपिंग keys तथा उनका प्रयोग-

1.Tab keys-टैब keys का प्रयोग spacebaar की तरह किया जाता हैं अगर हमें टेक्स्ट डॉक्यूमेंट में एक लम्बा space चाहिए हो तो हम टैब keys का प्रयोग करते हैं इस टैब का space ,spacebaar से 3 से 4 गुना होता हैं जब हमें टेक्स्ट डॉक्यूमेंट टाइप करते समय ज्यादा space चाहिए हो तो उस समय टैब key का प्रयोग किया जाता है।

2.Caps lock keys-जब हमें text डॉक्युमेंट में टेक्स्ट को uppercase यानी कैपिटल में टाइप करना हो तो कीबोर्ड से caps lock button press करते हैं इसके बाद हम कोई भी वर्ड टाइप करते हैं तो टेक्स्ट uppercase में टाइप होते हैं Caps lock को off करने के बाद फिर से सारे text word Small लेटर में टाइप होने लगते हैं। इसे lowercase वर्ड से uppercaase वर्ड conversion भी कहते हैं।

3.Shift keys- हमारे कीबोर्ड के दूसरी लाइन में न्यूमेरिक digit 1 से 0 तक दिए रहते हैं और इन डिजिट के साथ में कुछ symbol दिए रहते हैं इनका प्रयोग करने के लिए हम Shift का इस्तेमाल करते हैं जब कभी हमें डॉक्युमेंट में स्पेशल character या Symbol लगाना हो तो उस समय हम shift key का प्रयोग करते हैं ठीक इसी तरह जब हम डॉक्यूमेंट टाइप करते समय अगर हम Shift के साथ A को press करते हैं तो Capital A टाइप होता हैं अगर हम बिना Shift के A को press करते हैं तो Small letter में टाइप करता है।

4.Space bar keys- Space bar key कीबोर्ड की सबसे बड़ी होती है इसका प्रयोग text डॉक्यूमेंट को टाइप करते समय दो टेक्स्ट वर्डो के बीच में Space देने के लिए किया जाता है यह कीबोर्ड में सबसे नीचे लाइन में होती हैं।

5.Enter keys-जब हम कोई टेक्स्ट डॉक्युमेंट को type करते हैं तो एक लाइन टाइप होने के बाद दूसरी लाइन पर आने के लिये इस key का प्रयोग किया जाता है अगर हमें किसी टाइप की गई लाइन को नीचे लाना है तो उसके लिये भी एंटर key का प्रयोग किया जाता है। तथा mouse पॉइंटर के कर्सर को किसी टेक्स्ट के बीच में रखकर एंटर करते हैं तो उसके बाद के सारे टेक्स्ट दूसरी लाइन पर आ जाते है।

6.Back space-जब हम ms word में कोई text डॉक्युमेंट टाइप करते समय अगर टेक्स्ट को हटाना हो तो उसके लिए हम backspace का प्रयोग करते हैं इसका सिर्फ टेक्स्ट के पीछे वाले वर्ड को धीरे धीरे हटाने के लिए किया जाता है इसका प्रयोग हम टेक्स्ट को select करके भी हटाने के लिये कर सकते हैं इसमें माउस पॉइंटर को हम जिस टेक्स्ट के बीच में रखते हैं तो यह टेक्स्ट के left साइड से वर्ड को हटाना शुरू करता हैं।

3.Control keys

कंट्रोल keys का मतलब कीबोर्ड की keys को कंट्रोल तथा उनका सही से प्रयोग करना तथा ये एक विशेष प्रकार की keys होती हैं जिन्हें दूसरी keys के साथ में प्रयोग की जाती हैं कंप्यूटर कीबोर्ड में Ctrl key, Alt key, Shift key, Esc key, window key, इन सभी keys का प्रयोग किसी text डॉक्यूमेंट को manage करने तथा modify करनें के लिए किया जाता है

इन keys का प्रयोग टेक्स्ट डॉक्यूमेंट type करते समय दूसरी keys के साथ में press करते हैं इन सबके अलावा और भी कुछ keys होती है जो कि control keys का काम करती हैं जैसे Page break up, Scroll keys, Menu keys, Prtscr key, इन सबका प्रयोग text डॉक्यूमेंट को type करते समय text और paragraph को सही से arrangement तथा formating करने के लिए किया जाता हैं।

कुछ कंट्रोल keys तथा उनका प्रयोग-

1.Esc key- इस key का प्रयोग किसी भी task को अचानक से skip करनें या Cancel करनें के लिये किया जाता है इसे हम Escape key के नाम से भी जानते हैं। यह कीबोर्ड में सबसे ऊपर की लाइन की पहली key होती है।

2.Ctrl key-इसे हम कंट्रोल key के नाम से जानते हैं इसका प्रयोग हम टेक्स्ट डॉक्यूमेंट टाइप करते समय shortcut create करनें के लिये किया जाता है इसका प्रयोग हमेशा दूसरी key के साथ में किया जाता है इनको कभी अकेले प्रयोग नहीं किया जाता है जैसे हमें कोई टेक्स्ट डॉक्यूमेंट सिलेक्ट करना है तो उसके लिये शॉर्टकट Ctrl + A को एक साथ press करने से हमारा पूरा टेक्स्ट डॉक्यूमेंट select हो जाएगा। और भी बहुत सारी शॉर्टकट key होती हैं जिनसे हमारा टेक्स्ट डॉक्यूमेंट को टाइप करनें में आसानी होती हैं और समय की भी बचत होती।

3.Alt key-Alt key का प्रयोग भी ctrl key की तरह कीबोर्ड शॉर्टकट create करनें के लिये किया जाता है तथा इसे Alter key के नाम से जानते हैं।

4.Window logo key-इस key का प्रयोग window oprating सिस्टम को ऑपरेट करने या स्टार्ट करनें के लिए किया जाता है यह key कीबोर्ड में सबसे नीचे Ctrl और Alt key के बीच में दिखाई देती है।

5.Menu key- इस key का प्रयोग हम माउस के राइट क्लिक करके जो dropdown लिस्ट ओपन होती है ठीक इसी प्रकार यह एक dropdown लिस्ट open करती हैं।

6.Prtscr key- इस key का प्रयोग कंप्यूटर screen की picture लेने के लिये किया जाता है इस key की सहायता से हम किसी भी डॉक्यूमेंट या चलचित्र का स्क्रीनशॉट यानी pictures ले सकते हैं।

2.Function keys

function keys का प्रयोग हमेशा कोई विशेष कार्य के लिए करते हैं जैसे multimedia , System booting process, system refresh, करनें के लिये किया जाता हैं तथा F5 keys का प्रयोग से सिस्टम refresh करनें के लिये किया जाता है और F12 , keys का प्रयोग सिस्टम को फॉर्मेटिंग करते समय Booting प्रॉसेस करनें के लिये किया जाता है। function keys कीबोर्ड के टॉप लाइन में होती हैं function keys F1 से F12 तक कीबोर्ड होती है।

4.Navigation keys-

नेविगेशन keys का प्रयोग ज्यादातर text document यानी ms word में typing के समय करते हैं navigation keys की मदद से हम डॉक्यूमेंट में इधर उधर घूम जाने के लिए किया जाता हैं इसमें कुछ Navigation keys होती हैं जैसे Arrow keys, Home keys, Page up, Page down, ,Insert, Delete, Page setup, Page formating आदि Arrow keys होती हैं जिनकी मदद से हम document में ऊपर सर नीचे तथा दायें से बाएं कंही भी जा सकते हैं।

कुछ Navigation key तथा उनके प्रयोग-

1.Arrow key-Arrow key का प्रयोग ज्यादातर टेक्स्ट डॉक्यूमेंट में left और right तथा up और down जाने के लिये किया जाता है इन arrow keys की सहायता से हम डॉक्यूमेंट में इधर उधर कंही भी जाकर word को edit कर सकते हैं इसके जरिये हम webpage की किसी भी लाइन पर आसानी से जा सकते हैं। यह कीबोर्ड में सबसे नीचे चार तीर के निशान जैसे दिखाई देते हैं।

2.Home key-होम key का प्रयोग हम डॉक्युमेंट के शुरुआत में पहुँचने के लिये किया जाता है यानी हम ऐसे कह सकते है कि हम webpage या डॉक्युमेंट में कहीं भी काम कर रहें हो तो होम key press करके एक दम से starting में आ जाते हैं।

3.End key-End key का प्रयोग माउस के pointer को एकदम से webpage के सबसे लास्ट में लाने के लिये किया जाता है इसकी सहायता से हम webpage या डॉक्युमेंट में आसानी से direct नीचे आ जाते हैं।

4.Insert key-Insert key का प्रयोग हम टेक्स्ट डॉक्यूमेंट को टाइप करते समय करते हैं इसका प्रयोग missing character को find out करता हैं और यदि insert key off है तो वर्ड को overwrite कर देता है। इसको एक टाइप से spelling चेकिंग key भी कह सकते हैं।

5.Delete key-डिलीट key का प्रयोग टेक्स्ट डॉक्यूमेंट को टाइप करते समय गलत टेक्स्ट को हटाने के लिए किया जाता है इसके लिए mouse pointer को टेक्स्ट डॉक्यूमेंट में जिस टेक्स्ट को हटाना हो वहां पर कर्सर को रख देते हैं और जैसे ही डिलीट key को press करते हैं तो टेक्स्ट के राइट साइड का टेक्स्ट हटने लगता है। यानी यह सिर्फ टेक्स्ट के आगे वाले वर्ड हो ही हटाना प्रारंभ करता है।

6.Page up key-इस key का प्रयोग हम webpage या text डॉक्यूमेंट में सबसे top यानी ऊपर पहुँचने के लिये किया जाता है यदि हम कोई भी वेबपेज में काम कर रहे हैं और हमें webpage में ऊपर जाना है तो हम page up key के सहायता से ऊपर जा सकते हैं।

7.Page down key-इस key का प्रयोग page up key से उल्टा होता हैं यानी जब हमें webpage में ऊपर से नीचे आना हो तो page down key का प्रयोग कर सकते हैं इसके लिए mouse pointer को webpage के टॉप पर रख कर छोड़ दीजिए उसके बाद page dawn key press कीजिये तो हम एक दम से page के last में आ जाते हैं।

5.Indicator lights

indicators lights का प्रयोग कीबोर्ड में किसी भी function को On और Off करने का संकेत देता है इसमें कुछ indicator lights होती हैं जैसे Caps lock, Num lock, Scroll lock, कीबोर्ड में जब numeric key को press करते हैं तो numeric keypad On हो जाता हैं तथा कीबोर्ड में ऊपर लाइट जलने लगती है इसके बाद हम numeric नंबर को टाइप कर सकते हैं जब हमें text word को कैपिटल यानी Uppercase केस में लिखना हो तो Caps lock on करना पड़ता हैं जिससे हम कोई कीबोर्ड से text type करते हैं तो वह Uppercase में type होना स्टार्ट हो जाता है ठीक इसीप्रकार जब Scroll lock करना हो तो हम scroll on करते हैं जिससे हम पेज को आसानी से scroll कर सकते हैं।

6.Numeric keypad

Numeric keys का प्रयोग हम Subtraction , addition , division , percentage ये सभी मैथमेटिकल calculation करने के लिए किया जाता हैं इन्हें हम calculation keypad के नाम से जानते हैं इसका प्रयोग सिर्फ numeric digit टाइप करनें के लिये किया जाता हैं।

मुझे आशा है कि यह पूरा टॉपिक Keyboard क्या है या किसे कहते है इसका fullform क्या है यह कैसे काम करता है इसके प्रकार तथा function key, typing key, control key, navigation key, indicator key, numeric key, क्या होती हैं तथा इनका कार्य तथा ये क्यों प्रयोग की जाती हैं। आपको समझ आ गया होगा इसे शेयर कीजिए तथा और कोई question हो या कोई सुझाव हो तो कमेंट में लिखिए।

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