Integrated Circuit या IC क्या है । काम कैसे करती है । प्रकार और उपयोग

Integrated Circuit या IC एक ऐसी छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसमे resistors, कैपेसिटर और मुख्यतः ट्रांजिस्टर etc. fabricated रहते है या एक छोटी सी चिप या सिलिकॉन का छोटा सा टुकड़ा जिस पर ये electronic components गड़े हुए होते है हिंदी में Integrated Circuit को एकीकृत परिपथ कहते है

ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट में सिलिकॉन यानी सेमीकंडक्टर मटेरियल होता है IC भी इन्ही में है ट्रांजिस्टरों के बाद IC के आने से सर्किटों में काफी सुधार आया कम जगह में ट्रांजिस्टरों की संख्या बढ़ती गई को एक IC में 10 से 1000000 से ज्यादा ट्रांजिस्टरों की संख्या हो गयी

इस पेज पर हम IC को ही समझने जा रहे है जिसकी लगभग हर एक detail  यहाँ पर है सबसे पहले IC का अविष्कार किसने किया और कैसे हुआ इसके बाद IC समय के साथ कैसे काम आने लगी और कैसे बेहतर हुई जिनमे SSI,MSI,LSI,VLSI,ULSI IC थी और 21th century का सबसे बड़ा invention  कैसे बनी Integrated Circuit के प्रकार उनके work के हिसाब से जिनमे Digital IC,Analog IC,mixed IC,Programmable IC,Timer IC,Comprator,Switching IC इस Page पर है

IC का अविष्कार यह कैसे बनी इसका इतिहास

IC को बहुत से ट्रांजिस्टर्स का रूप माना जाता है जब विलियम बी सॉकले ने 1947 में ट्रांजिस्टर्स बनाया था उसी समाज इसी आईडिया आ चुका था कि एक जगह बहुत से इलेक्ट्रॉनिक components integrated किये जाएं जैसे बहुत से छोटे छोटे ट्रांजिस्टर्स जिसे IC Integrated Circuit नाम दिया गया

सन 1949 में एक जर्मन इंजीनियर Werner Jacobi ने पांच transistors को एक साथ Integrated किया अपनी amplifier के लिए उन्हें ये सस्ता भी लगा जो अलग अलग ट्रांजिस्टर्स से बेहतर था यह शुरुआत थी

फिर 1952-53 में Harvik johnson से एक प्रोटोटाइप IC के पेटेंट के लिए apply किया पर किसी के भी idea को किसी बड़ी इंडस्ट्रीज ने हाथ नही लगाया ताकि ये पॉपुलर हो सके उसके बाद jack kilby और noyce के IC पर काम सामने आए

Jack kilby ने IC पर काफी काम किया और उन्होंने बेहतर तरीके से components Integrated करने पर काम किया Jack kilby Components को Integrated करने के सिद्धांत और अपने तरीकों को पेटेंट करा दिया फिर और भी काम करने के बाद Jack kilby को सन 2000 में Noble Award दिया वास्तब में हम कह नही सकते कि IC का अविष्कार किसने किया सभी के अपना अपना अच्छा योगदान रहा

ये IC साधारण थी आज के हिसाब से जिनको इन सभी ने खुद बनाया पर आज के IC में अरबों इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स है जैसे एक एंड्राइड फ़ोन का प्रोसेसर जो एक समय मे बहुत ही ज्यादा इनपुट लेता है process करता है फिर आउटपुट देता है

Modern IC में बहुत बहुत ही complex circuits होते है इनको Electronic Design Automation से बनाते है आज के समय मे IC बनाना आसान हो गया है

IC समय के साथ कैसे बेहतर होती गयीं

IC के बेहतर होने का मतलब है और ज्यादा बड़े सर्किट को छोटा बनाना उसकी स्पीड , ड्यूरेबिलिटी उसका काम और उपयोग बढ़ाना

नीचे पढ़िए समय के साथ IC कैसे बेहतर हुई इन्हें आप IC की पीढ़ियां भी कह सकते है

SSI

1964 से IC बड़े पैमाने पर उपयोग होना स्टार्ट हुई जब Integration का basic method उपयोग होता था

इसे नाम दिया Small scale Integration यानी SSL जिसमे 2 से 10 ट्रांजिस्टरों का उपयोग होता था कुछ इस image जैसे
Replica IC

इन ट्रांजिस्टरों से 1-12 लॉजिक गेट्स बनते थे इसे हाथों से ही बनाया जाता था

MSI

1968 में MSI यानी Medium Scale Integration

जिसमे 10 से 500 ट्रांजिस्टरों को एक साथ Integrated करने का अच्छा तरीका खोज लिया था

इसमे 13 से 99 logic gates बनाये जाते थे

काफी काम आसान होने लगे MSI के उपयोग से

LSI

Large Scale Integration सिस्टम यह 1971 में develop हुआ इसमे 500 से 20000 ट्रांसिस्टरों का उपयोग एक साथ हुआ

जो एक विशाल circuit को एक छोटी सी चिप में replace कर दिया गया

LSI में logic gates की संख्या 100 से 9999 रहती थी

यहां से कंप्यूटरों को personal कंप्यूटर बनाना आसान हो गया

VLSI

1980 में VLSI यानी Very Large Scale Integration स्टार्ट हुआ

इसमे 20000 से 10,00,000 ट्रांसिस्टरों को एक IC में लगाया गया

VLSI में 10000 से 99999 तक logic gates होते है

ULSI

Ultra Large Scale Integration यानी ULSI यह 1984 में स्टार्ट हुई Components का बेहतर Integration

ULSI में 1000000 से ज्यादा ट्रांजिस्टरों का उपयोग एक जगह कर सकने की तकनीक develop हुई

इसमे logic gates की संख्या भी 1000000 से ज्यादा हो गई जो अभी तक किसी भी High tech device में उपयोग होती है

Laptop,touch screen mobile etc.

IC के प्रकार

Analog IC क्या है

यह एक ऐसा IC है जो लगातार एक सिग्नल पर काम करता है यह शून्य से full voltage के सिग्नल देता है

जैसे कि एक माइक्रोफोन यह एक ऐसी डिवाइस है जो sound को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में परिवर्तित करती है

एक analog IC liner regulators, Oscillator,Operational amplifiers डिज़ाइन करने etc. में उपयोग होती है

NE 555 Timer IC और sensors जैसे LM35 etc

यह analog कंप्यूटरों में भी use होती थी जैसे कि मैथमैटिकल आपरेशन करने के लिए

Digital IC in hindi

बाइनरी नंबर 1 और 0 पर काम करने वाली IC Digital IC होती है इसमें बहुत सारे Logic gates होते है जिनके द्वारा IC को Output मिलता है 1 और 0 के फॉर्म में 1 का means होता है High यानी सिग्नल है और 0 का means होता है Low यानी सिग्नल नही है

ये 1 और 0 इनपुट पर डिपेंड करते है आज के मिक्रोकंट्रोलर और माइक्रोप्रोसेसर इन्ही पर काम करते है

Mixed IC | Integrated Circuit

ऐसे IC जो इस प्रकार बनाये जाते है कि यह Digital IC और Analog IC दोनों तरह से काम कर पाए

Mixed IC का उपयोग जैसे Analog signal को digital signal में Convert करना और Digital Signals को analog में convert करना

मुख्यतः यही IC के प्रकार है इनके उपयोग के हिसाब से आप नीचे दी कुछ महत्वपूर्ण IC और Circuits पड़ सकते हो

Programable IC

ये Programmable IC microcontrollers के साथ work करती है ये IC अपनी जरूरत के हिसाब के अनुसार प्रोग्राम की जा सकती है

Sensors से Input ले कर Display पर Print करवाना या कोई Buzzer में beep करवाना ये सब प्रोग्रामेबल IC कर सकती है जो मिक्रोकंट्रोलर में इनबिल्ट होती है

अपने हमारे मिक्रोकंट्रोलरों के प्रोजेक्ट नही पढ़ें हो तो एक बार जरूर पढ़ें menu में इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स पर click करके

Timer IC । Voltage । Pins

यह IC Circuits में time का ध्यान रखतीं है जैसे time के बाद क्या करना है time count करना है जैसे stopwatch जो Time को किसी भी तरह उपयोग में ले सकती है

जैसे कि SE यह NE 555 IC यह यूनिवर्सल IC है जिसका अविष्कार 1970 में किया गया था यह एक monolithic IC है NE 555 IC को 5V से 18 V के बीच current दिया जाता है

Timer IC 70℃ के तापमान पर काम कर सकती है इसमे 8 पिन होती है जो GND, VCC, Trigger, Discharge, Output, Threshold, Reset और Control Voltage pins होती है

Comprator IC in hindi

Comprator IC यह एक ऐसा Integrated Circuit है जो Input signals को Compare यानी तुलना करता है करता है

यह multiple Input signals को Compare करता है एवं फिर Output निर्धारित करता है

Switching IC

यह एक ऐसी IC होती है जो पूरे सर्किट के अलग अलग भागों में Power supply या सिग्नल supply का काम करती है एक Switching IC बहुत सारे switches का काम करती है

IC के उपयोग । Uses of Integrated Circuits

Flip-flops,Timers stopwatch में,Multiplexers ,Logic gates आसानी से बनाने में ,Calculator chips में IC होती है ,mory chips,Clock chips,Counters,Microprocessors,Microcontrollers जैसे Arduino के boards ,

Power amplifiers , Small-signal amplifiers , Operational amplifiers , Microwave amplifiers , RF and IF amplifiers ,Voltage comparators , Multipliers , Radio receivers ,Voltage regulators etc में Integrated circuit का उपयोग होता है

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