समस्‍थानिक क्‍या है।परिभाषा एवं उदाहरण। इनके उपयोग बताइये।

समस्‍थानिक किसे कहते है।परिभाषा तथा उदाहरण देकर समझाइये।तथा इनके अनुुुुप्रयोग लिखिऐ।

समस्‍थानिक

समस्थानिक के बारे  मे सर्वप्रथम डॅाल्‍टन ने अपने परमाणुवाद  मे  समस्थानिको  के बारे मे बताया । समस्‍थानिक  का शाब्दिक  अर्थ  होता है समान स्‍थान अ‍र्थात् आवर्त सारणी  मे  समस्‍थानिक,

  किसी तत्‍व  के वे परमाणु होते है जिनके परमाणु क्रंमाक तो  समान होते है किन्तु  परमाणु भार भिन्‍न भिन्‍न होते है ,समस्‍थानिक कहलाते है।

समस्‍थानिको के प्रत्‍येक परमाणु मे  समान संख्‍या मे प्रोटान होते है जिससे इनके परमाणु क्रमांक तो समान होता है किन्तु न्‍युट्रानेां की संख्‍या अलग अलग होने के कारण परमाणु भार मे परिवर्तन हो जाता है ।

जैसें हाइड्रोजन के तीन समस्‍थानिक होते है प्रोटियम(1H^1|)ड्युटिरियम (1H^2)तथा ट्राइटियम (1H^3) हाइड्रोजन का परमाणु क्रमांक  1 होता है जिससे इसके तीनो समस्थनिको का परमाणु क्रमांक  1 हि है लेकिन न्‍युट्रानो की संख्‍या मे परिवर्तन के कारण इन सभी के परमाणु भार अलग अलग है । अत:ये तीनो हाइड्रोजन के तीन समस्‍थानिक है ।

इसी प्रकार कार्बन का परमाणु क्रमांक 6 हेाता है अर्थात् कार्बन परमाणु मे प्रोटानो की संख्‍या तो 6 हेाती है जिसके समान परमाणु क्रमांक वाले तीन समस्‍थानिक कार्बन-12

कार्बन- 13 तथा कार्बन -14 है ।इन सभी का द्रव्‍यमान क्रमश: 12 ,13 तथा 14 है जोकि  कार्बन परमाणु के भिन्‍न भिन्‍न संख्‍या मे न्‍युट्रानो की संख्‍या के कारण होता है ।

उपयोग

विभिन्‍न प्रकार के रेडियोएक्‍टिव समस्‍थानिक तथा उनके उपयोग निम्‍नानुसार है

स.क्र.समस्‍थानिकउपयोग
1.कोबाल्‍ट -60कोबाल्‍ट -60 समस्‍थानिक का प्रयोग कैंसर के उपचार मे किया जाता है ।
2.कार्बन -14कार्बन के इस समस्‍थानिक का प्रयोग पुरानी जीवाश्‍मो की आयु का पता लगाने मे किया जाता है ।जिसे कार्बन डेटिंग कहते है ।
3.सोडियम -24इसका प्रयोग रक्‍त परिसंचरण तंंत्र के अध्‍ययन में किया जाता है।
4.आयोडीन-131ब्रेन ट्युमर ,थॉयराइड कैंसर ,लीवर कारडियेक,घेघा रोग  आदि मे  आयोडीन- 131 समस्‍थानिक का प्रयोग किया जाता है।
5.टाइटेनियम- 201इस समस्‍थानिक का प्रयोग हर्ट टिशु की क्षति का पता लगाने मे किया जाता है।
6.टैकनिटियम- 99इस समस्‍थानिक का प्रयोग ब्रेन ट्युमर ,ह्रदय सेल का आघात पता ,रेडियो ट्रेसर मे रक्‍त प्रवाह  का अध्‍ययन करने मे किया जाता है।
7.अमेरिकन -241रोलिंग स्‍टील ,ऑइल कुंये का पता लगाने मे अमेरिकन- 241 समस्‍थानिक का प्रयोग किया जाता है।
8.इरिडियम -192इसका प्रयोग बोइलर के भागो का पता लगाने मे,एयरक्राफ्ट मे किया जाता है।
9.यूरेनियम- 235नाभिकीय ईधन ,नौसेना ईधर ,फ्लोरोसेंण्‍ट ग्‍लासबेयर और दीवार की टाइल्‍स बनाने मे  यूरेनियम -235 समस्‍थानिक का प्रयोग होता है।
10.कैलिफोर्नियम -252इसका प्रयोग सडक की मिटटी मे नमी का पता लगाने मे किया जाता है।
11.फास्‍फोरस 32,33फास्‍फोरस के इन दोनो समस्‍थ‍ानिकों का प्रयोग जीवविज्ञान और  अनुवांशिकी मे किया जाता है तथा चर्म रोग चिकित्‍सा मे भी इनका प्रयोग किया जाता है।
12.से‍लेनियम- 75इस समस्थानिक का प्रयोग जीवनविज्ञान मे प्रोटीन का अध्‍ययन करने मे किया जाता है।
13.स्‍टॉंन्‍शियम- 85बोन फोर्मेशन का अध्‍ययन और चपाचपयी क्रियाओ के अध्‍ययन मे स्‍टॉंन्‍शियम- 85 समस्‍थानिक का प्रयोग किया जाता है।
14.हाइड्रोजन -3 या ट्रिटियमहाइड्रोजन के इस समस्थानिक का प्रयोग जीवन विज्ञान और ड्रग मेटाबोलिज्‍म मे किया जाता है।
15.ड्युटिरियम(H-2)हाइड्रोजन के इस समस्‍थानिक का प्रयोग परमाणु भटटी मे मंदक के रूप मे प्रयोग किया जाता है।
16.आर्सेनिक- 74इस समस्‍थानिक का प्रयोग शरीर मे ट्युमर का पता लगाने मे किया जाता है ।
17.मरकरी -203पारे के इस समस्थानिक का प्रयोग मस्तिस्‍क मे ट्यूमर का पता लगाने मे किया जाता है।

 

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