चिन्ह परिपाटी

चिन्ह परिपाटी हिंदी में

चिन्ह परिपाटी कुछ नियमों का समूह है जब दर्पणों का उपयोग कर रहे होते है तब सभी दूरियों और लम्बाईयाँ को नापते है उस समझ इन नियमों का पालन करना पड़ता है इन नियमों को चिन्ह परिपाटी कहते है इसे इंग्लिश में sign convention कहते है

चिन्ह परिपाटी में लंबाइयों या दूरी को ऋणात्मक ये दिखाने के लिए लिखा जाता है कि ये विपरीत दिशा में है वास्तब में कोई भी माप ऋणात्मक नही हो सकती

  1. दर्पण की बाईं ओर से प्रकाश की किरण आपतित की जाना चाहिए
  2. दर्पण से संबंधित फोकस दूरी, वक्रता त्रिज्या, प्रतिबिंब की दूरी दर्पण से वस्तु की इत्यादि सभी को ध्रुव से नापी जानी चाहिए
  3. जिस दिशा में आपतित किरण जाती है उस दिशा में मापी गई सभी दूरियां धनात्मक दी जाती है और इसके विपरीत सभी दूरियां मैं ऋणात्मक चिन्ह लिया जाता है
  4. इसलिए उत्तल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक और अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक ली जाती है
  5. यदि वस्तु और प्रतिबिंब मुख्य अक्ष के ऊपर है तो उनकी लम्बाईयाँ धनात्मक ली जाती है और इसके नीचे है तो इनकी लम्बाईयाँ ऋणात्मक लिखी जाती है
  6. U का चिन्ह हमेशा ऋणात्मक लिया जाता है
  7. वास्तविक प्रतिबिंब के लिए v ऋणात्मक और आभासी प्रतिबिम्ब के लिए v धनात्मक लिया जाता है

ये नई चिन्ह परिपाटी है जिसका उपयोग अभी वर्तमान में किया जाता है इसे share जरूर करें नीचे बटन है यदि कुछ Question हो तो comment में लिखे

2 thoughts on “चिन्ह परिपाटी”

  1. चिह्न परिपाटी का प्रयोग क्यों किया जाता हैं।
    ओर इसे कितने बार मे प्रयोग किया जाता हैं।

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